बुधवार, 9 जुलाई 2014

वंदन __/\__


श्रीजी


“वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”


ये मेरा पहेला ब्लॉग है।
में अपने प्रभु को और बा को वंदन करता हु __/\__


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